Monday, 12 September 2011

बापू के ताऊ


बापू के भी ताऊ निकले तीनों बन्दर बापू के !
 सरल सूत्र उलझाऊ निकले तीनों बन्दर बापू के !
 सचमुच जीवनदानी निकले तीनों बन्दर बापू के !
 ग्यानी निकले, ध्यानी निकले तीनों बन्दर बापू के !
 जल-थल-गगन-बिहारी निकले तीनों बन्दर बापू के !
 लीला के गिरधारी निकले तीनों बन्दर बापू के !
 सर्वोदय के नटवरलाल
 फैला दुनिया भर में जाल
 अभी जियेंगे ये सौ साल
 ढाई घर घोडे की चाल
 मत पूछो तुम इनका हाल
 सर्वोदय के नटवरलाल


4 comments:

  1. सुन्दर प्रस्तुति , बधाई.



    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारने का कष्ट करें , आभारी होऊंगा .

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  2. dhai ghar ghore ki chal
    mat poocho tum inka hal
    vartmaan ke liye bilkul sach

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  3. nice kavita..who wrote this..?

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